✴जिंदगी धूल में गयी✴

✴जिंदगी धूल में गयी✴
बचपन गुजरा, लचकन में ।
जवानी गुजरी , रवानी में ।
बुजुर्गा गुजरा , तजुर्बा में ।

जोश गया , होश में ।
श्यान गयी , म्यान में ।
खवाब गया, नवाब में ।

जिंदगी बीती , हिन्दगी में ।
हसी बीती , खसी में ।
साँसे बीती , बातो में ।
Livepustak.blogspot.com
आप ऐसी ही कविताएँ पसंद करते हो , तो Google पे
Livepustak.blogspot.com  लिखकर search
कीजिये ।


Livepustak सिर्फ कविताएँ लिखकर आपका मनोरंजन ही
नही करती हैं , देश की समस्याओ की और इशारा करती हैं ।


अगर आपको लगता हैं , कि इस समस्या पे Livepustak ने कविता नही लिखी हैं ।
तो आपका topic हमें comment में भेजिए ।


मैं मानता हूँ ,कि आप राष्ट्र से बहुत प्रेम करते हों । फिर भी आपकी कोई बात नहों सुनता हैं ।

"आप गलत नही , सिर्फ अकेले हो "

तो आपके जैसे बहुत लोग livepustak से जुड़े हैं , आप भी जुड़िये ।
और आपके आसपास की समस्या हमें भेजिए ।

हम आपकी बात प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचने में मदद करेंगे ।
आपने livepustak को इतना प्यार दिया, कि आज बहुत कम समय में 1000  क्लीक हो गये ।
     
                              " धन्यवाद "
                   livepustak.blogspot.com


टिप्पणियाँ